कब कौन हिन्दुओं का गाँधी बन जाएगा, कोई नहीं जानता: नरसिंहानंद सरस्वती
09 अप्रैल, 2021By: डू पॉलिटिक्स स्टाफ़

अजीत भारती और नरसिंहानंद सरस्वती
डासना स्थित देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती इस्लामी कट्टरपंथ पर अपने खुले विचारों के कारण निरंतर चर्चा में बने हुए हैं। पैगंबर मोहम्मद की आलोचना करने के बाद आम आदमी पार्टी नेता अमानतुल्लाह खान ने महंत नरसिंहानंद का गला तक काटने की धमकी जारी की और नरसिंहानंद सरस्वती पर ही FIR भी कर दी गई।
इस पूरे प्रकरण पर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के विचार जानने के लिए DOpolitics (डू पॉलिटिक्स) ने डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद से बात की और उन्होंने इस प्रकरण के साथ ही अपने जीवन से जुड़े कई पहलुओं के बारे में भी खुलकर बात की।
हरिद्वार में करेंगे विश्व धर्म संसद का आयोजन
यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि वो प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में अपनी आगे की योजनाओं के बारे में बात करने गए थे। उन्होंने बताया कि वो आगामी दिसंबर माह में 15-19 दिसंबर तक हरिद्वार में एक विश्व धर्म सम्मेलन करने जा रहे हैं।
इस आयोजन के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि इस सम्मेलन में वो ‘जिहादियों’ को छोड़कर पूरे विश्व के बाकी तमाम धर्म के समर्थकों और अनुयायियों को बुलावा भेज रहे हैं। जिहाद और ‘कट्टरपंथियों की बढ़ती जनसंख्या’ पर चिंता व्यक्त करते हुए यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि 2029 में भारत का प्रधानमंत्री मुस्लिम समुदाय से बनेगा।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो भारत में रहने वाले सभी ‘काफिर’ क़त्ल कर दिए जाएँगे और ISIS की विचारधारा लोगों पर थोप दी जाएगी। दारुल उलूम जैसी विचारधारा को घातक बताते हुए उन्होंने कहा कि इस विचारधारा के हाथों में जब भारत की ताकत होगी तो दुनिया पर क्या कहर टूटेगा इस बात का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि विश्व धर्म सम्मेलन का उद्देश्य सारे धर्मों को यह सन्देश देना है कि एक धर्म को छोड़कर बाकी सभी धर्म एक दिन ख़त्म हो जाएँगे। उन्होंने कहा, “हम इस खतरे के बारे में लोगों को बताना चाहते हैं। चौदह सौ साल में हमारे ऊपर जो अत्याचार हुआ है वही अब यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में होने वाला है। इसमें हम लोगों की कमी है। हमने अपनी बेटियों की भ्रूण हत्या की। क्योंकि हम जानते थे कि जैसे ही वो जवान होगी, वो उसे भी लूटेंगे और हमें भी क़त्ल कर चले जाएँगे।”
“हजारों साल के अत्याचारों के बाद भी कोई हिंदी किताब ऐसी नहीं मिल पाएगी, जिसने इस्लाम के अत्याचारों के बारे में लिखा हो। जिसने भी लिखा वो या तो मुस्लिमों ने लिखा है या फिर ईसाईयों ने, हिन्दू तो लिख भी नहीं पाए।”
“हमारी दुनिया को सच से वाकिफ होना पड़ेगा कि हम किस खतरे के साथ जी रहे हैं। जो इन लुटेरे, बलात्कारियों, मंदिरों को तोड़ने वालों और हमारी बहन-बेटियों की मंडी लगाने वालों का इतिहास रहा वो दुनिया के सामने रखा ही नहीं गया।”
‘वही कहा जो उनकी किताब में लिखा है’
सरस्वती ने कहा कि उन्होंने सिर्फ वही कहा जो उनकी किताब में लिखा गया है और उन्हीं लोगों ने इसे घृणा फ़ैलाने वाली बात कहा। उन्होंने कहा कि उस किताब में जो कुछ भी लिखा है वो मुस्लिमों ने ही लिखा है जबकि हम तो इसे सिर्फ पढ़कर बता रहे हैं।
‘अमानतुल्लाह खान को धन्यवाद देना चाहता हूँ’
पैगंबर मोहम्मद की आलोचना के बाद हुई FIR के बारे में यति नरसिंहानंद ने कहा कि अमानतुल्लाह खान ने उनकी ही कही बात को सच कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिस दिन इन लोगों के हाथ में भारत की सत्ता आएगी उस दिन ये हम सब के साथ यही करने वाले हैं।
नरसिंहानंद ने कहा कि जिस दिन इस्लाम का अनुयायी इस्लाम की सच्चाई जान जाएगा, वो उस दिन इस्लाम को छोड़ देगा। उन्होंने कहा कि इस मजहब में सिर्फ यही सिखाया जाता रहा है कि दूसरों की महिलाओं, बेटियों और बच्चियों पर अधिकार किया जाए।
‘मैंने 23 सालों में हिन्दुओं की लाशें गिरती देखी हैं’
नरसिंहानंद ने कहा कि पिछले 23 वर्षों में उन्होंने कमलेश तिवारी जैसे कई हिन्दुओं की लाशें देखी हैं। अपना अनुभव सामने रखते हुए उन्होंने कहा, “जिन लोगों को बचाया जा सकता था, उनके मरने के बाद उनकी चर्चा तक नहीं की गई। कमलेश तिवारी को बचाया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अपने की लाशें देखना बहुत मुश्किल होता है।”
“जब इंसान कई हिस्सों में कटी हुई नंगी बेटी की लाश देखता है तब वो संतुलन बनाए रखने की स्थिति में नहीं रहता। मेरी भाषा पर वो लोग बात करते हैं जो आज तक अपने ड्राइंग रूम से बाहर नहीं निकले हैं। उन्हें कभी लाशों की बदबू सूँघनी चाहिए।”
‘मैंने अपना परिवार छोड़ा’
अपने जीवन के पिछले अनुभवों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “इस्लाम की लड़ाई हम सब तक पहुँचकर रहेगी, लेकिन मैं उस लड़ाई में सबसे बाद में आता हूँ। मैंने अपना परिवार छोड़ा, बेहद खूबसूरत लड़की से मैंने शादी की थी अपनी पसंद से। दस साल तक इन्तजार किया। विदेश से शादी करने आया था और फिर उसे छोड़कर चला गया। 23 साल तक अपना घर नहीं देखा। अपने बच्चे देखे तक नहीं।”
‘सनातन की बात करने वालों को कोढ़ी की तरह देखा जाता था’
यति नरसिंहानंद ने कहा कि हिंदुत्व और सनातन की बात करने वालों को पत्रकार कोढ़ी की नजर से देखते थे। उन्होंने कहा कि रवीश कुमार ही नहीं बल्कि आज जो हिंदूवाद का नायक बना हुआ है उसने हमें अपने शो में बुलाकर अपमान किया।
“हमने सरकार से सिर्फ जनसंख्या नियंत्रण कानून की माँग की लेकिन वो बात आज तक नहीं सुनी गई। मैं सन्यासी हूँ और लोगों से माँग कर खाता हूँ। मैंने कभी किसी नेता से इस एक कठोर कानून के अलावा कोई माँग नहीं की।”
“पहली बार मुझे लगा है कि हिन्दू भी जीवित है। मैं अपने लोगों से कह चुका हूँ कि मेरी भूमिका ख़त्म हो चुकी है। मुझे इस बात की संतुष्टि है। मैं लोगों को प्रेरणा दे चुका हूँ और इस डासना के मंदिर को धार्मिक विश्वविद्यालय के रूप में तब्दील होते देखना चाहता हूँ जहाँ लोग अपनी संस्कृति को पढ़ें।”
“जब पैसा नहीं था तो मैंने लोगों से जा कर पैसे माँगे। और आज मुझे पहचान मिली है तो मैं अपने पीड़ादायक संघर्षों को भूल चुका हूँ। आज मेरे पीछे सब युवा खड़े हैं। लोग यहाँ आ कर मुझसे मिल रहे हैं।”
‘सावरकर गाँधी के सामने ख़त्म हो गए’
गाँधी ने अपने जीवन में कोई त्याग या तपस्या नहीं की लेकिन जिस वीर सावरकर ने इतना बड़ा त्याग किया, वो गाँधी के सामने ख़त्म हो गए। उन्होंने कहा कि हम हिंदुओं ने उन्हें सम्मान नहीं दिया। गाँधी के पास सब कुछ था लेकिन वो मेरे करोड़ों लोगों का हत्यारा है, तो मैं उसका सम्मान करूँ या सावरकर का सम्मान करूँ? मैं थोड़ा भी साहस नहीं कर सकता सावरकर से अपनी तुलना करने का, लेकिन पिछले एक महीने में मैंने वीआईपी महसूस किया है कि आखिरकार लोगों ने अपने योद्धाओं को सम्मान दिया।
“मुझे शत्रु से प्यार करने की जरूरत नहीं है। मैं अपने लोगों के लिए जीता हूँ और अपने लोगों के लिए मारा जाऊँगा। मैं योद्धाओं की कीमत जानता हूँ। जो यति नरसिंहानंद के साथ आज हो रहा है वो अजीत भारती ने भी भुगता होगा। जब नौजवान आगे आते हैं तो उनका सम्मान होना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि हिन्दुओं को राजनीति के भरोसे बैठे रहने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि कब कौन हमारा गाँधी बन जाएगा हम कह नहीं सकते।
इसके अलावा यति नरसिंहाननद सरस्वती ने राम मंदिर से लेकर कई अन्य विषयों पर भी अपनी बात रखी, जिसे आप हमारे यूट्यूब चैनल पर नीचे दी गई लिंक पर क्लिक कर देख सकते हैं –